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यदि आप तत्काल शारीरिक खतरे में हैं
🚨 अभी 112 पर कॉल करें यदि आप पर हमला हो रहा है या आपको अपनी जान का डर है।
- 112 पर कॉल करें — बिना SIM बैलेंस के भी काम करता है। पुलिस, फायर, एम्बुलेंस।
- 181 पर कॉल करें — महिला हेल्पलाइन। अधिकारी पुलिस भेज सकते हैं और आपको आश्रय से जोड़ सकते हैं।
- यदि आप बोल नहीं सकतीं, किसी विश्वसनीय व्यक्ति को अपना पूरा पता WhatsApp या SMS करें।
- बच्चों को अपने साथ रखें या पहले किसी सुरक्षित पड़ोसी के पास भेजें।
✅ आपको पूरी स्थिति समझाने की जरूरत नहीं है। बस अपना पता दें और कहें "मुझे मदद चाहिए।"
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सबूत सुरक्षित रखें — सबसे पहले
🚨 कोई भी संदेश, फोटो या पोस्ट अभी न हटाएँ। FIR और Protection Order के लिए सबूत जरूरी है।
- धमकी भरे संदेशों का screenshot लें — प्रेषक का नाम और तारीख/समय दिखता हो।
- चोटों की तस्वीरें लें — timestamp के साथ यदि संभव हो।
- क्या हुआ, कब हुआ, गवाह कौन थे — सब लिख लें जब याददाश्त ताजी हो।
- प्राइवेट Google Drive या iCloud पर कॉपियाँ सेव करें जिसे दुर्व्यवहारी नहीं जानता।
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सुरक्षित स्थान पर जाएँ
- 181 पर कॉल करें — वे आपको निःशुल्क सरकारी आश्रय गृह (स्वाधार गृह) तक पहुँचा सकते हैं।
- कोई पड़ोसी, नजदीकी मंदिर/मस्जिद/चर्च, या पुलिस स्टेशन तत्काल सुरक्षित विकल्प हैं।
- साथ लें: आधार कार्ड, फोन + चार्जर, नकदी, दवाएं, बच्चों के दस्तावेज।
✅ PWDVA 2005 के तहत, आपको अपने वैवाहिक घर में रहने का अधिकार है। बिना कोर्ट आदेश के पुलिस आपको नहीं निकाल सकती।
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शिकायत दर्ज करें — Zero FIR या DV Act
- Zero FIR: भारत के किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें — चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो। कहें: "मैं Zero FIR दर्ज करना चाहती हूँ।"
- PWDVA 2005 शिकायत: अपने जिले के Protection Officer से संपर्क करें (181 के जरिए या जिला न्यायालय से)। यह आपराधिक मामले से तेज है।
- ऑनलाइन (Cybercrime): डिजिटल उत्पीड़न के लिए cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 पर कॉल करें।
⚠️ यदि पुलिस FIR दर्ज करने से मना करे (जो कि गैरकानूनी है), तो जिले के SP को शिकायत करें या cybercrime portal पर online दर्ज करें।
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किसी एक विश्वसनीय व्यक्ति को बताएँ
- कोई एक — बहन, दोस्त, शिक्षक — जिसे आप सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं, उसे बताएँ।
- "मैं एक असुरक्षित स्थिति में हूँ और मुझे सहायता चाहिए" — बस इतना कहना काफी है।
- यदि आप किसी को नहीं बता सकतीं, तो 181 पर कॉल करें — परामर्शदाता गोपनीय हैं।
✅ iCall (TISS) — 9152987821 — निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, सोम–शनि 10am–8pm।
💜 अभी आप क्या महसूस कर रही होंगी
- शर्म या आत्म-दोष: दुर्व्यवहार कभी पीड़ित की गलती नहीं होती। दुर्व्यवहारी ने आपको नुकसान पहुँचाने का चुनाव किया।
- विश्वास न किए जाने का डर: सब कुछ दस्तावेज करें। आपका अनुभव वास्तविक है।
- रिश्ते के लिए दुख: किसी से प्यार करना और अपनी सुरक्षा के लिए जाना — दोनों एक साथ संभव है।
- परिवार का दबाव: आपकी सुरक्षा सामाजिक दिखावे से पहले है। 181 पर कॉल करें — वे परिवार को भी परामर्श दे सकते हैं।
- बच्चों की चिंता: DV मामलों में अदालतें माँ को अंतरिम हिरासत देती हैं। जाने का मतलब बच्चे खोना नहीं है।
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आपातकालीन संपर्क